गांव-गांव पहुंचा सुशासन: अंतिम दिन शिविरों में उमड़ी भीड़, समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान
धमतरी, 10 जून 2026। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार 2026 का जिले में सफल समापन हुआ। अभियान के अंतिम दिन विकासखंड कुरूद के ग्राम बिरेझर तथा विकासखंड नगरी के ग्राम संकरा में दो क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए गए, जहां ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों से संबंधित सैकड़ों आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की गई। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न लाभ भी प्रदान किए गए।
राज्य शासन द्वारा 01 मई से 10 जून तक संचालित सुशासन तिहार का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना तथा शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाना था। इसी क्रम में जिले के चारों विकासखंडों—धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी—की कुल 24 ग्राम पंचायतों को क्लस्टर के रूप में शामिल कर समाधान शिविरों का आयोजन किया गया।
बिरेझर क्लस्टर शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
विकासखंड कुरूद के ग्राम पंचायत बिरेझर में आयोजित क्लस्टर शिविर में बिरेझर, चटौद, मुल्ले, करगा, हथबंद, दरबा, कोंडापार, कोटगांव, खुरसेंगा, सरबदा एवं मूरा सहित कुल 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में कुल 575 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 568 मांग संबंधी तथा 7 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल थे।
प्राप्त आवेदनों में से 135 मांगों एवं एक शिकायत का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपकर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों ने आवेदनों की गंभीरता से जांच कर पात्र मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
शासन और जनता के बीच मजबूत हुआ संवाद
शिविर में उपस्थित जिला पंचायत धमतरी के उपाध्यक्ष श्री गौकरण साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और आमजन के बीच संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को अपने गांव के समीप ही विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
समयबद्ध समाधान शासन की प्राथमिकता: सीईओ जिला पंचायत
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके गांव के निकट और समयबद्ध तरीके से किया जाए। सुशासन तिहार इसी उद्देश्य को लेकर आयोजित किया गया है, ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने बताया कि शिविरों के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण किया जा रहा है तथा पात्र आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा कर हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाया जाए।
विभिन्न योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को कई प्रकार की सुविधाएं एवं सामग्री वितरित की गई। इस दौरान प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण सामग्री, किट, निःशुल्क चश्मे एवं अन्य लाभकारी सामग्री प्रदान की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नोनी योजना एवं पोषण कार्यक्रम के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड वितरण, नेत्र परीक्षण तथा निःशुल्क चश्मा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन एवं संगठित श्रमिक कार्ड से संबंधित प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सक्रिय सहभागिता
शिविर में जनपद पंचायत कुरूद के कृषि सभापति श्री चंचल चन्द्रशेखर साहू, पूर्व जनपद सदस्य एवं अध्यक्ष डॉ. लोकेश साहू, ग्राम पंचायत बिरेझर की सरपंच श्रीमती नेहा भूपेन्द्र साहू, सचिव श्री चन्द्रप्रकाश साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, सचिवगण, बिहान समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।
सुशासन तिहार 2026 के सफल आयोजन ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। अभियान के अंतिम दिन आयोजित इन शिविरों ने ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास और सहभागिता को और अधिक मजबूत किया।

