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स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने धमतरी पहुंचीं एनएचएम मिशन निदेशक अराधना पटनायक

 

टीबी, मलेरिया, सिकल सेल और एनीमिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन हेतु समन्वित प्रयासों पर दिया जोर

धमतरी, 12 जून 2026। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मिशन निदेशक अराधना पटनायक की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष धमतरी में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) तथा आयुष विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।


बैठक को संबोधित करते हुए मिशन निदेशक सुश्री पटनायक ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य देश को टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, सिकल सेल एवं एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्त अथवा नियंत्रित करना है। उन्होंने कहा कि इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की प्राप्ति केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने समय पर जांच, उपचार, जनजागरूकता और सतत निगरानी को रोग नियंत्रण की सबसे प्रभावी रणनीति बताया।

मिशन निदेशक ने मीजल्स-रूबेला (एमआर), एचपीवी एवं एमएमआर टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीकाकरण केवल बीमारी की रोकथाम का माध्यम नहीं बल्कि स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है। इसके लिए स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जाने चाहिए।

बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। सुश्री पटनायक ने शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर टीकाकरण, पोषण सेवाओं की उपलब्धता तथा नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य किसी भी समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण सूचकांक है और इसमें सुधार के लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही आवश्यक है।


इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, सिकल सेल एवं टीबी स्क्रीनिंग अभियान, कुपोषण नियंत्रण कार्यक्रम तथा जनजागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत प्राप्त किए जाने वाले विभिन्न प्रमाणनों, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई। मिशन निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बेहतर समन्वय, प्रभावी मॉनिटरिंग और जनसहभागिता के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाएं।

उन्होंने कहा कि “स्वस्थ समाज का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी और संवेदनशील प्रशासन से संभव है।” उन्होंने सभी विभागों से स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और अभियानों को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।

बैठक में राज्य स्तर से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक संदीव झा, राज्य क्षय रोग अधिकारी, एसपीएम एनएचएम भरत राजपूत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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