प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ के दर्शन से अभिभूत हुईं प्रेमशीला बघेल, यात्रा को बताया जीवन का अमूल्य अनुभव
महासमुंद, 29 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण सम्मान एवं रानी अवंती बाई लोधी पुरस्कार से सम्मानित प्रेमशीला बघेल ने 22 से 26 जून 2026 तक आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा को अपने जीवन की सबसे दिव्य, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय यात्राओं में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अद्वितीय अवसर भी बनी।
प्रेमशीला बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से लगभग एक हजार श्रद्धालुओं, साहित्यकारों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा राज्य अलंकरण से सम्मानित व्यक्तित्वों ने इस यात्रा में सहभागिता की। प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस यात्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री राजेश अग्रवाल और संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कनौजे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि यात्रा को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं अन्य मंत्रियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहिब, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धर्मलाल कौशिक, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रेमशीला बघेल ने बताया कि 23 जून की रात्रि गुजरात पहुंचने पर यात्रियों का पारंपरिक गुजराती लोक संस्कृति के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। गरबा नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पुष्पवर्षा के बीच हुए आत्मीय अभिनंदन ने सभी यात्रियों को भावविभोर कर दिया।
उन्होंने कहा कि समुद्र तट पर स्थित भगवान सोमनाथ महादेव का भव्य मंदिर भारत की अटूट आस्था, सनातन संस्कृति और अदम्य आत्मविश्वास का प्रतीक है। अनेक बार विध्वंस के प्रयासों के बावजूद हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीय संस्कृति की अमर शक्ति का प्रमाण है।
सोमनाथ मंदिर में दर्शन, आरती एवं जलाभिषेक के दौरान प्राप्त आध्यात्मिक अनुभूति को उन्होंने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया। मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं को हवन सामग्री एवं भगवान सोमनाथ को अर्पित पवित्र जल प्रसाद स्वरूप प्रदान किया गया, जिसे उन्होंने अत्यंत भावनात्मक अनुभव बताया।
यात्रा के दौरान गुजरात के विभिन्न ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन तथा सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर आधारित लेजर लाइट एंड साउंड शो ने भारतीय इतिहास और संस्कृति के गौरवशाली अध्यायों से परिचित कराया।
प्रेमशीला बघेल ने कहा कि इस यात्रा की विशेषता यह रही कि छत्तीसगढ़ के 33 जिलों से आए पद्म सम्मानित व्यक्तित्वों, साहित्यकारों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट प्रतिनिधियों ने एक साथ सहभागिता की, जिससे आपसी संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक समरसता को भी नई ऊर्जा मिली।
उन्होंने यात्रा के सफल आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ शासन, गुजरात सरकार, संस्कृति विभाग, सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट, भारतीय रेलवे तथा जिला प्रशासन द्वारा आवास, भोजन, परिवहन, सुरक्षा एवं चिकित्सा सहित सभी व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए महासमुंद जिले की नोडल अधिकारी रेखा राज शर्मा एवं समस्त अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कनौजे तथा सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस यात्रा ने भारत की महान सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय अस्मिता को निकट से अनुभव करने का अमूल्य अवसर प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि "सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा जीवन के उन अमूल्य अनुभवों में शामिल हो गई है, जिन्हें शब्दों में पूर्णतः व्यक्त करना संभव नहीं।"
जय सोमनाथ।
जय सनातन संस्कृति।
Head & Tail News से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें — 👇
https://chat.whatsapp.com/DPEyFUDVTgV6QbjuwJvqqJ?s=cl&p=a&mlu=1

