लगातार बारिश और जलाशयों में बढ़ती आवक के बीच बढ़ा नदी का जलस्तर, निचले इलाकों में विशेष सतर्कता की अपील
धमतरी, 03 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक के बीच महानदी के किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। गंगरेल जलाशय से तीन गेटों के माध्यम से कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलाशयों में पानी की लगातार आवक और आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए महानदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। 03 सितंबर की सुबह 8 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव काफी अधिक हो चुका है। गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली 98.61 प्रतिशत, दुधावा 86.86 प्रतिशत और सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत भर चुका है।
गंगरेल से महानदी में 3,360 क्यूसेक पानी प्रवाहित
गंगरेल जलाशय से छोड़े जा रहे 4,670 क्यूसेक पानी में से 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के माध्यम से महानदी मुख्य नहर में, जबकि 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी नदी में प्रवाहित किया जा रहा है।पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
महानदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता
महानदी में पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने कहा गया है। लोगों से अनावश्यक रूप से नदी पार करने का प्रयास नहीं करने तथा बच्चों को नदी-नालों से दूर रखने की अपील की गई है। निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने कहा गया है। संबंधित अधिकारी और मैदानी अमला नदी एवं जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने दिए निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि जलाशयों में पानी की अच्छी आवक को देखते हुए लोग विशेष सावधानी बरतें। महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। उन्होंने अधिकारियों को नदी एवं जलाशयों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार तत्काल सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करें।
प्रमुख जलाशयों की स्थिति
जलाशय| जलभराव| पानी की आवक
गंगरेल| 97.40%| 3,365 क्यूसेक
मुरूमसिल्ली| 98.61%| 362 क्यूसेक
दुधावा| 86.86%| 437 क्यूसेक
सोंढूर| 69.25%| 167 क्यूसेक
सावधानी जरूरी: नदी किनारे जाने से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें, बच्चों को नदी-नालों के पास न जाने दें और स्थिति गंभीर होने पर तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों की ओर चले जाएं।

