प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम पर मिलेगा व्यापक बीमा संरक्षण
धमतरी, 20 जुलाई 2026। खरीफ मौसम में किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट-व्याधियों एवं अन्य जोखिमों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026-27 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं, ताकि किसी भी प्राकृतिक विपत्ति की स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।
कृषि विभाग के अनुसार योजना के तहत जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी, रागी तथा मूंगफली जैसी प्रमुख खरीफ फसलों को शामिल किया गया है। इस योजना का लाभ ऋणी एवं गैर-ऋणी (अऋणी) दोनों प्रकार के किसान, भू-धारक तथा बटाईदार किसान भी ले सकते हैं। अधिसूचित ग्रामों में अधिसूचित फसल के लिए वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण लेने वाले किसानों को योजना में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। गैर-ऋणी किसानों को फसल बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, खसरा तथा स्व-प्रमाणित फसल बुआई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। योजना के तहत किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष प्रीमियम राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। प्रति हेक्टेयर निर्धारित प्रीमियम के अनुसार धान (सिंचित) के लिए 1,320 रुपये, धान (असिंचित) के लिए 990 रुपये, मक्का के लिए 1,012 रुपये, मूंगफली के लिए 1,034 रुपये, अरहर के लिए 924 रुपये, मूंग एवं उड़द के लिए 550-550 रुपये, कोदो के लिए 396 रुपये, कुटकी के लिए 418 रुपये तथा रागी के लिए 374 रुपये प्रीमियम निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को केवल फसल खराब होने की स्थिति में ही नहीं, बल्कि बाधित बुआई, रोपण जोखिम, फसल अवधि के दौरान सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से होने वाली क्षति, कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई उपज को चक्रवात या बेमौसमी बारिश से होने वाले नुकसान तथा ओलावृष्टि एवं जलभराव जैसी स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति पर भी बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषि विभाग ने बताया कि गैर-ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जबकि ऋणी किसान 15 अगस्त 2026 तक योजना का लाभ ले सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते बीमा कराकर अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित करें। फसल बीमा के लिए किसान अपने निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (PACS), बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), बीमा कंपनी के पोर्टल अथवा मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग के अधिकारी एवं संबंधित पटवारी से भी आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य उठाएं, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने निकटतम कृषि विभाग कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

