श्रमिकों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ दिलाने के लिए जनपद स्तर पर बनाई जाएंगी क्लस्टर टीम, तकनीकी समस्याओं के समाधान और डेटा संशोधन का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
धमतरी, 02 जुलाई 2026। जिले के पंजीकृत श्रमिकों को राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का निर्बाध एवं समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रमिक ई-केवाईसी अभियान को तेज गति देने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार धमतरी एवं कुरूद जनपद पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के वीएलई (Village Level Entrepreneur) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिलेभर से 450 से अधिक वीएलई ने भाग लेकर ई-केवाईसी एवं श्रमिक डेटा संशोधन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों के ई-केवाईसी कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में क्लस्टर आधारित अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक पंजीकृत श्रमिकों का समय पर ई-केवाईसी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कार्यशाला में श्रम पदाधिकारी श्री एन.के. साहू, श्रम निरीक्षक सुश्री निम्मी पटेल तथा श्रम उपनिरीक्षक सुश्री मनीषा साहू ने श्रमिकों के ई-केवाईसी के दौरान आने वाली तकनीकी चुनौतियों, ऑनलाइन प्रक्रिया में होने वाली सामान्य त्रुटियों तथा उनके त्वरित समाधान के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिकारियों ने वीएलई को यह भी बताया कि श्रमिकों के दस्तावेजों का सत्यापन, पहचान संबंधी जानकारी का मिलान तथा आवश्यक संशोधन किस प्रकार सावधानीपूर्वक किया जाए।
इस अवसर पर राज्य स्तर से पहुंचे सीनियर मैनेजर श्री मोहम्मद रियाज ने वीएलई को श्रमिकों के डेटा संशोधन की संपूर्ण ऑनलाइन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से श्रमिक कार्डों में नाम, पता, आधार एवं अन्य आवश्यक विवरणों में संशोधन की प्रक्रिया समझाई। साथ ही यह भी बताया कि त्रुटिरहित डेटा तैयार होने से श्रमिकों को भविष्य में योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
प्रशिक्षण के दौरान सभी वीएलई को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर 30 जुलाई 2026 तक ई-केवाईसी एवं आवश्यक डेटा संशोधन का कार्य पूर्ण करें।
श्रम पदाधिकारी श्री एन.के. साहू ने जिले के सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे समय रहते अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में पहुंचकर ई-केवाईसी अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी नहीं कराने की स्थिति में भविष्य में राज्य शासन की विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए सभी श्रमिक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी जानकारी का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन अवश्य कराएं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जा रहा है, ताकि पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जा सके।

