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नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कम लागत में ज्यादा उत्पादन

किसान भूषण साहू ने बताया कैसे नैनो यूरिया से स्वस्थ्य पौधे और बेहतर उत्पादन मिला


 महासमुंद,31 मई 2026// जिला अंतर्गत ग्राम कोसरंगी के प्रगतिशील किसान भूषण साहू ने अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी से बीजोपचार एवं फसल वृद्धि के दौरान नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। नैनो उत्पादों के प्रयोग से फसल का विकास अच्छा हुआ, पौधे अधिक स्वस्थ दिखाई दिए। किसान 

भूषण साहू ने बताया कि गत वर्ष खरीफ 2024 में कृषि विभाग एवं इफको महासमुंद के क्षेत्रीय अधिकारी  द्वारा उनके खेत में नैनो यूरिया डेमोंस्ट्रेशन के लिए प्रोत्साहित किया था ।जिसमें उन्हें पारंपरिक खेती की तुलना में पौधे थोड़े कम हरे दिखाई पड़ रहे थे लेकिन स्वस्थ्य थे। जब उत्पादन की तुलना की गई तो नैनो यूरिया उपयोग किए गए खेत एवं  पारंपरिक विधि से की गई खेती दोनों का उत्पादन बराबर आया, इसके बाद रबी 2024 में नैनो डीएपी से बीज उपचार कर धान के खेत में डेमोंस्ट्रेशन डाला गया 30-35 दिन बाद 500एम एल प्रति एकड़ की दर से नैनो डीएपी का छिड़काव भी किया गया  जिससे दानेदार डीएपी पारंपरिक खेती की तुलना में आधा (50%) ही डाला गया परन्तु उत्पादन बराबर आया तब से भूषण साहू  अपने खेत में नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी (तरल खाद) का प्रयोग कर रहे है, श्री साहू ने अपने खेत में दानेदार खाद की मात्रा 30% तक कम कर दी है ।


किसान भूषण साहू कहते हैं, "नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस के उपयोग से कम लागत में बेहतर उत्पादन मिला है। यह तकनीक किसानों के लिए लाभकारी और भविष्य की खेती के लिए उपयोगी है।"

कृषि विभाग ने इस वर्ष खाद की आपूर्ति को नजर रखते हुए किसानों से अपील है कि अधिक से अधिक तरल खाद जैसे कि नैनो यूरीया प्लस एवं नैनो डीएपी का उपयोग करें ताकि दानेदार उर्वरकों की कमी को पूर्ति की जा सके एवं किसानों के उत्पादन में किसी प्रकार की हानि ना हो।महासमुंद जिले में खाद की खपत के अनुसार नैनो डीएपी 500 एम एल की 74000 बोतल नैनो यूरिया 500 एम एल की 30250 बोतल का लक्ष्य निर्धारण किया गया है।

उपयोग की विधि

नैनो डीएपी से बीज उपचार के लिए 1 केजी बीज में 5 एम एल नैनो डीएपी के घोल को बीज में अच्छे तरीके से मिलाए उसके पश्चात 20 मिनट तक छांव में सूखने दे और फिर बोवाई करे। नैनो डीएपी से थरहा उपचार करने के लिए 1 लीटर पानी में 5 एम एल नैनो डीएपी की दर से  घोल बनाए एवं रोपाई से पहले 20 मिनट तक थरहा को इस घोल में डूबे रहने दे उसके पश्चात रोपाई करे। फसल 30-35 दिन की होने पर (जब फसल में पत्तियां अच्छी आ जाए) 1 लीटर पानी में 4-5 एम एल की दर से नैनो डीएपी एवं  नैनो यूरिया प्लस का पत्तियां में स्प्रेयर के माध्यम से छिड़काव करे। प्रथम छिड़काव के 25-30 दिन बाद फूल आने से पहले (पोटरी पानी) 1 लीटर पानी में 4-5 एम एल की दर से  नैनो यूरिया प्लस का पत्तियां में स्प्रेयर के माध्यम से छिड़काव करे। नैनो उर्वरकों को कीटनाशकों के साथ मिला कर भी स्प्रे किया जा सकता है। ( कॉपर वाले कीटनाशक एवं फफूंदनाशक के साथ न मिलाए)।

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