नैनो यूरिया और ड्रोन तकनीक से खेती होगी अधिक लाभकारी, किसानों ने साझा किए सकारात्मक अनुभव
धमतरी, 09 जून 2026। खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने किसानों के लिए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सरल एवं सुगम बना दिया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य नहीं है। जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख समितियों को निर्देशित किया गया है कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में कुल 20 हजार 740 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से अब तक 7 हजार 599 मीट्रिक टन खाद का उठाव किसानों द्वारा किया जा चुका है। इसके बाद भी जिले में लगभग 17 हजार 141 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि कई सहकारी समितियों में ड्रोन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। इससे श्रम, समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आती है तथा फसलों को आवश्यक पोषक तत्व बेहतर तरीके से प्राप्त होते हैं। नैनो यूरिया पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी विकल्प साबित हो रहा है।
किसानों ने बताए नैनो यूरिया और ड्रोन तकनीक के फायदे
धमतरी विकासखंड के ग्राम लोहरसी के किसान श्री हरिराज सिन्हा ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से पांच एकड़ धान फसल में नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार नैनो यूरिया कम कीमत पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है और लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। उन्होंने बताया कि पहले उर्वरक के परिवहन और छिड़काव में दो से तीन दिन का समय लगता था, जबकि ड्रोन तकनीक के उपयोग से यह कार्य कुछ घंटों में ही पूरा हो जाता है, जिससे लगभग 20 प्रतिशत लागत की बचत होती है।
इसी ग्राम के किसान श्री योगेश कुमार साहू ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से अपने डेढ़ एकड़ खेत में नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं और उन्हें इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। वहीं कुरूद क्षेत्र के किसान श्री देवेंद्र ने कहा कि नैनो यूरिया के प्रयोग से उर्वरक की मात्रा कम लगी और उत्पादन पर भी अच्छा प्रभाव देखने को मिला। इसी कारण उन्होंने इस वर्ष अपने पूरे रकबे में नैनो यूरिया उपयोग करने का निर्णय लिया है।
मगरलोड क्षेत्र के किसान श्री मोहन ने बताया कि पहले मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या होती थी, लेकिन ड्रोन तकनीक के उपयोग से समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। धमतरी विकासखंड की किसान श्रीमती संगीता साहू ने भी बताया कि नैनो यूरिया के प्रयोग से खेती की लागत में कमी आई है तथा फसल की बढ़वार पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
पॉस मशीन से हो रहा पारदर्शी खाद वितरण
कृषि विभाग द्वारा यूरिया, डीएपी, पोटाश सहित सभी प्रकार के उर्वरकों का वितरण पॉस मशीन के माध्यम से किया जा रहा है। इससे प्रत्येक किसान को उसकी जोत के अनुसार अनुशंसित मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। खाद की कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए उड़नदस्ता दलों द्वारा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
जिले की 96 सहकारी समितियों में खाद का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया गया है तथा भंडारण केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। मार्कफेड एवं सहकारी समितियों के माध्यम से खाद की सतत आपूर्ति जारी है। साथ ही किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार 225 रुपये में उपलब्ध 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया की एक बोतल पारंपरिक यूरिया के बराबर पोषक तत्व प्रदान करती है, जिससे परिवहन, भंडारण और उपयोग की लागत में भी कमी आती है।
किसानों से अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद की खरीदी केवल अधिकृत सहकारी समितियों अथवा लाइसेंसी विक्रेताओं से ही करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अधिक कीमत वसूले जाने की स्थिति में किसान जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07722-232249 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ सीजन में जिले के किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े तथा समय पर पर्याप्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि की जा सके।

