19 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने लिया भाग, हितग्राहियों को वितरित हुए आयुष्मान कार्ड, सुपोषण टोकरी, सहायक उपकरण और श्रमिक प्रमाण-पत्र
धमतरी/कुरूद। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित सुशासन तिहार 2026 के तहत विकासखंड कुरूद के ग्राम पंचायत नारी में आयोजित क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की भारी भागीदारी देखने को मिली। शिविर में 19 ग्राम पंचायतों के नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं, वहीं अनेक मामलों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को राहत प्रदान की गई।
शिविर में कुल 993 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 978 मांग संबंधी एवं 15 शिकायतें शामिल थीं। प्राप्त मांगों में से 168 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर शासन की जनहितकारी पहल को धरातल पर साकार किया गया।
क्लस्टर शिविर में ग्राम पंचायत नारी, गुदगुदा, सिरसिदा, भैंसमुण्डी, कुहकुहा, दहदहा, भोथली, गोबरा, बकली, कोकड़ी (ना), मौरीकला, कठौली, उमरदा, चारभाठा, परसवानी, मेंडरका, गोजी, चरमुडिया एवं नवागांव (उ) के ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत धमतरी के उपाध्यक्ष गौकरण साहू, जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष गीतेश्वरी हेमंत साहू, सदस्य दिलीप चक्रधारी, सभापति शकुन्तला रूपचंद देवांगन, सिंधु बैस, सदस्य उर्वशी बांधेकर, सरपंच संघ जिला धमतरी के अध्यक्ष टिकेश साहू, ग्राम पंचायत नारी की सरपंच डेमिन साहू, सचिव विशाल राम नागरची सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुरूद अमित कुमार सेन एवं जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस दौरान पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, चेक, किट, उपकरण, सामग्री एवं विभिन्न योजनाओं के कार्ड वितरित किए गए।
योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक
शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को सुपोषण टोकरी एवं 28 हितग्राहियों को नोनी सुरक्षा योजना के कार्ड प्रदान किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने 3 आयुष्मान कार्ड तथा 2 टीबी मरीजों को पोषण आहार सामग्री वितरित की। समाज कल्याण विभाग ने 2 दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र एवं ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई। मत्स्य विभाग ने मछुआ सहकारी समिति नारी को जाल सहायता प्रदान की, जबकि श्रम विभाग ने 7 श्रमिकों को संगठित कर्मकार प्रमाण-पत्र वितरित किए।
शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचा तथा प्रशासन और आमजन के बीच संवाद एवं विश्वास का मजबूत सेतु स्थापित हुआ।



