वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु खाद्य विभाग के निर्देश, नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
धमतरी, 15 जून 2026। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और हितग्राही-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से राशन वितरण प्रक्रिया में आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य कर दिया है। शासन के निर्देशानुसार अब जिले की 492 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में से 488 ऑनलाइन दुकानों में राशन सामग्री का वितरण ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।
यह निर्णय केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वन नेशन वन राशनकार्ड (ONORC) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, जिससे पात्र हितग्राहियों को देश के किसी भी हिस्से में पारदर्शी एवं निर्बाध रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।
जिला खाद्य अधिकारी श्री बी.के. कोर्राम ने बताया कि विभाग द्वारा ई-पॉस मशीनों से प्राप्त वितरण आंकड़ों के विश्लेषण में यह पाया गया कि कुछ उचित मूल्य दुकानों में निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के स्थान पर ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा था। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए सभी दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि ई-केवाईसी पूर्ण होने की स्थिति में राशनकार्ड के मुखिया अथवा पंजीकृत सदस्य का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। प्रमाणीकरण पूर्ण होने के पश्चात ही खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन राशनकार्डों में नॉमिनी दर्ज हैं, वहां भी नॉमिनी के आधार प्रमाणीकरण के बाद ही राशन सामग्री वितरित की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि खाद्यान्न का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राही तक ही पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी आधारित वितरण केवल विशेष परिस्थितियों में ही अनुमन्य होगा। इनमें ऐसे राशनकार्ड शामिल हैं जिनके सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक आयु के हों अथवा 10 वर्ष से कम आयु के हों, एकल निराश्रित राशनकार्ड धारक हों, अथवा ऐसे निःशक्तजन राशनकार्ड धारक हों जिनमें कोई नॉमिनी नियुक्त न हो। इन विशेष मामलों में भी पहले बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का प्रयास किया जाएगा और उसके विफल होने पर ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विभाग ने सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए सीधे ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किया जाता है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि किसी हितग्राही के आधार प्रमाणीकरण में तकनीकी समस्या आती है, तो दुकान संचालक तत्काल संबंधित खाद्य निरीक्षक तथा तकनीकी सहायता दल को सूचित करें, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान कर हितग्राही को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।
खाद्य विभाग ने जिले के सभी राशनकार्ड धारकों से अपील की है कि वे उचित मूल्य दुकान पर राशन प्राप्त करने जाते समय अपना आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अवश्य कराएं तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में सहयोग प्रदान करें। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा तथा पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार समय पर और बिना किसी बाधा के प्राप्त होगा।

