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राजस्व प्रकरणों में अब नहीं चलेगी लापरवाही, समय-सीमा में निपटारे के सख्त निर्देश

धमतरी समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा बोले— नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन व स्वामित्व कार्ड के मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं, बाढ़ से निपटने के भी दिए निर्देश

धमतरी 31 जुलाई 2026। जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वामित्व कार्ड और भूमि डायवर्सन सहित सभी लंबित प्रकरणों का नियमानुसार, पारदर्शी एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

गुरुवार देर शाम कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से सेवा भाव, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी है, जब वह समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। बैठक में राजस्व विभाग के लंबित मामलों की विशेष समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने पांच हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड तथा पांच हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र भी वितरित किए। मानसून को देखते हुए संभावित बाढ़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी, राहत एवं बचाव दलों की सक्रियता, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्योग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा हुई। प्रभारी मंत्री ने स्कूलों में समय पर पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल वितरण, किसानों के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान कार्ड के अधिकतम उपयोग और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में 200 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल, नेत्र एवं ट्रॉमा सुविधा, कुरूद में 100 बिस्तरीय अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज तथा नगरी और मगरलोड क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा सड़क, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम, नालंदा परिसर, रेलवे, औद्योगिक पार्क और पर्यटन विकास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिन्हें अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, औद्योगिक पार्क, दुग्ध संग्रहण, ई-केवाईसी, जलप्रदाय योजनाओं और सिंचाई परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक के अंत में जिले में संचालित विकास कार्यों पर आधारित प्रस्तुतीकरण प्रदर्शित किया गया, जिसकी प्रभारी मंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। बैठक में पुलिस अधीक्षक भावना पाण्डेय, वनमंडलाधिकारी कृष्णा यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर इंदिरा देवहरि सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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