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वैद्य फूड्स से लिया गया पनीर नमूना असुरक्षित, फैक्ट्री सील; 200 किलो पनीर किया गया था जब्त

एनालॉग पनीर के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सघन कार्रवाई, जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सामग्री नष्ट

महासमुंद, 20 अगस्त 2026। जिले में एनालॉग पनीर के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड्स से लिए गए पनीर के नमूने की जांच रिपोर्ट में उसे असुरक्षित पाया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित खाद्य सामग्री को नियमानुसार नष्ट कराने के साथ ही फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई की गई है।

दरअसल, 17 अगस्त की देर रात वैद्य फूड्स में पनीर निर्माण किए जाने की सूचना एवं गुणवत्ता को लेकर संदेह के बाद जांच की गई थी। इस दौरान मौके पर पनीर निर्माण होता पाया गया था। पनीर की गुणवत्ता एवं निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को लेकर संदेह उत्पन्न होने पर लगभग 200 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया था। जांच के लिए पनीर का नमूना राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया था। अब प्राप्त जांच रिपोर्ट में वैद्य फूड्स से लिया गया पनीर का नमूना असुरक्षित पाए जाने के बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई की है। अधिगृहित खाद्य पदार्थों को नियमानुसार नष्ट कराया गया तथा संबंधित फैक्ट्री को सील कर दिया गया।

जिलेभर में दुग्ध उत्पादों की सघन जांच

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में पनीर एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार नमूने लिए जा रहे हैं। अभिहित अधिकारी श्री उमेश वर्मा के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रतिष्ठानों से पनीर, पेड़ा एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच कराई जा रही है। विभाग के अनुसार इस माह अब तक लिए गए नमूनों में क्षीरसागरम स्वीट्स, सरायपाली से पनीर एवं पेड़ा, यश फैमिली रेस्टोरेंट, बागबाहरा से पनीर तथा हर्षद मिष्ठान से पेड़ा की जांच रिपोर्ट प्राप्त होना लंबित है। वहीं कश्यप ऑर्गेनिक, बसना से लिए गए पनीर एवं दही के नमूने अवमानक पाए गए हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के आधार पर आगे भी होगी कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं लंबित नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उनके संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में जांच एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विशेष रूप से एनालॉग अथवा असुरक्षित पनीर के निर्माण और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा प्रतिष्ठानों की निगरानी और नमूना जांच की कार्रवाई को और तेज किया जा रहा है।

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