माता-पिता का इकलौता सहारा और मासूम बच्चे के सिर से उठा पिता का साया।
इलाज के नाम पर इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ का एक बेहद खौफनाक मामला मगरलोड ब्लॉक से सामने आया है। यहाँ एक कथित झोलाछाप डॉक्टर की घोर लापरवाही ने एक हंसते-खेलते 34 वर्षीय युवक की जान ले ली। बुखार का इलाज कराने गए युवक को डॉक्टर ने अपने मेडिकल स्टोर में ही भर्ती कर बॉटल और धड़ाधड़ इंजेक्शन ठोक दिए, जिससे युवक की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। घटना 10 मई की बताई जा रही है। मृतक युवक की उम्र महज 34 वर्ष थी।
मेडिकल स्टोर को बना दिया 'अस्पताल', बिना सोचे-समझे चढ़ाई बॉटल
मिली जानकारी के मुताबिक, 34 वर्षीय युवक को तेज बुखार आने पर परिजन उसे पास के ही गांव में प्रैक्टिस कर रहे एक झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए थे। डॉक्टर ने बिना किसी डर के युवक को अपने मेडिकल स्टोर के भीतर ही सुला दिया और उसे बॉटल चढ़ा दी। इसके साथ ही कई तरह के इंजेक्शन, सिरप और दवाइयां दे दी गईं।
बिगड़ी तबीयत, तो कार में डालकर किया रेफर; रास्ते में ही तोड़ा दम
गलत दवाइयों के रिएक्शन या लापरवाही के चलते कुछ ही देर में युवक की तबीयत बेहद गंभीर हो गई। यह देख झोलाछाप डॉक्टर घबरा गया। अपनी खाल बचाने के लिए उसने तुरंत गांव की ही एक चारपहिया गाड़ी को बुलवाया और मरीज को नवापारा राजिम रेफर कर दिया। युवक को बिना किसी लाइफ सपोर्ट सिस्टम या ऑक्सीजन के साधारण कार में भेज दिया गया। रास्ते में उसकी हालत इतनी बिगड़ी की उसके मुंह और नाक से खून बहने लगा। परिजन जब उसे लेकर नवापारा के एक निजी अस्पताल पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे 'मृत घोषित' कर दिया।
बुझ गया बूढ़े मां-बाप का इकलौता चिराग, मासूम बेटा बेसहारा
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतक युवक अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पूरे घर के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। इस लापरवाही ने बूढ़े मां-बाप को बेसहारा कर दिया है और उसके एक छोटे से मासूम बेटे के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया छीन लिया है।
