न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के पेपरलेस न्याय व्यवस्था के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रशिक्षण महत्वपूर्ण कदम;
जिला न्यायाधीश धमतरी के निर्देशन में एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह कोर्राम की उपस्थिति में ई-कोर्ट प्रशिक्षण संपन्न
धमतरी, 30 अगस्त 2026। जिला न्यायालय परिसर धमतरी में अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता क्लर्कों के लिए आयोजित ई-कोर्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का रविवार को अंतिम दिवस रहा। छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के निर्देशानुसार आयोजित प्रशिक्षण में ई-कोर्ट से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, डिजिटल न्यायालयीन सेवाओं तथा न्यायालयीन कार्यों में तकनीक के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धमतरी के कार्यालय से जारी ज्ञापन के अनुसार 23 अगस्त एवं 30 अगस्त 2026 को जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता क्लर्कों के लिए ई-कोर्ट कार्यक्रम ECT_4_2026, ECT_7_2026 एवं ECT_12_2026 विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य न्यायालयीन कार्यों में डिजिटल सुविधाओं के उपयोग को बढ़ावा देना तथा अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता क्लर्कों को ई-कोर्ट प्रणाली की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
जिला न्यायाधीश धमतरी के निर्देशन में ई-कोर्ट प्रशिक्षण का द्वितीय चरण संपन्न
कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश श्री मोहन सिंह कोर्राम जी, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, धमतरी के निर्देशन में प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण के दौरान अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता लिपिको को ई-कोर्ट से संबंधित डिजिटल प्रक्रियाओं एवं न्यायालयीन कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान माननीय न्यायाधीश श्री मोहन सिंह कोर्राम जी द्वारा प्रशिक्षित अधिवक्ताओं को नोटबुक, पेन, पेन ड्राइव एवं बैग का वितरण भी किया गया।
धमतरी जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्ताओं ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में जिला अधिवक्ता संघ, धमतरी से श्रीमती प्रेमलता साहू, श्री तेजस्वी सोनकर, श्री राकेश साहू, श्री तेजप्रकाश नागरू, श्रीमती संतोषी साहू, सुश्री पदमनी कुर्रे, श्रीमती कौशल्या साहू, श्री देव साहू, श्री निमेषा वाहिनी, श्री गुरुगोपाल गिरी गोस्वामी, श्री टिकेन्द्र कुमार सिन्हा, सुश्री वर्षा साहू, सुश्री संध्या पटेल, श्रीमती ज्योति जोशी एवं श्री तरुण सोनकर सहित अधिवक्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कुरूद सिविल कोर्ट से भी अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता
कुरूद सिविल कोर्ट से अधिवक्ता संघ कुरूद के अध्यक्ष श्री रमेश पांडे, सह सचिव श्री श्याम शंकर चंद्राकर, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रभारी श्री हेमंत निर्मलकर, कार्यकारिणी सदस्य श्री मनहरण भारद्वाज, सदस्य श्री एनेंद्र साहू एवं श्री लोकेश दत्त भार्गव, सहित श्री एस.पी. लांबा, श्री योगेन्द्र साहू, श्री खेमप्रकाश, श्री खिलानंद निर्मलकर, श्री थानेस साहू, श्री यजेश जाधव, सुश्री तेजस्मी मार्कण्डेय एवं सुश्री वर्षा साहू ने उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
नगरी से भी अधिवक्ता एवं अधिवक्ता लिपिक हुए शामिल
तहसील अधिवक्ता संघ, नगरी से श्री पुष्पेन्द्र कुमार साहू एवं श्री शतानु मरकाम ने अधिवक्ता के रूप में तथा सुश्री प्रियांका ध्रुव, श्री रविन्द्र नेताम एवं श्री रोहित कुमार ने अधिवक्ता लिपिक के रूप में प्रशिक्षण में सहभागिता की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर श्री नीरजधर तिवारी जी, श्री पीतेश्वर साहू जी एवं श्री अभिषेक जैन द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
पेपरलेस न्याय व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा जी द्वारा न्यायालयों में पेपरलेस कार्यप्रणाली, डिजिटाइजेशन एवं आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सरल, त्वरित, पारदर्शी एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी क्रम में अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता लिपिकों के लिए आयोजित ई-कोर्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम न्यायिक कार्यप्रणाली के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न्यायालयीन कार्यों में डिजिटल सेवाओं के उपयोग को गति मिलने के साथ अधिवक्ताओं को बदलती तकनीकी न्याय व्यवस्था के अनुरूप कार्य करने में सुविधा मिलेगी।


