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चिरायु टीम की पहल से तीन बच्चों को मिला नया जीवन

समय पर पहचान, त्वरित रेफरल और विशेषज्ञ उपचार से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित तीन बच्चों का सफल ऑपरेशन

धमतरी, 13 अगस्त 2026। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, बीमारियों की शीघ्र पहचान और समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों से तीन बच्चों को नया जीवन मिला है। चिरायु टीम-बी मगरलोड की सतर्कता और तत्परता से जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease–CHD) से पीड़ित तीन बच्चों की समय रहते पहचान की गई और उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रेफर किया गया।
विगत 4 अगस्त को चिरायु टीम-बी मगरलोड द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान केरिना कंवर (15 वर्ष), कुमकुम साहू (3 वर्ष) एवं युवेश कमार (9 वर्ष) में संभावित जन्मजात हृदय रोग के लक्षण पाए गए। टीम ने बिना विलंब किए तीनों बच्चों को आवश्यक जांच एवं विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर स्थित निजी अस्पताल रेफर किया। साथ ही उपचार प्रक्रिया के दौरान आवश्यक समन्वय एवं फॉलोअप भी सुनिश्चित किया गया। रायपुर के अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं परीक्षण किए गए। जांच में जन्मजात हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि होने के बाद चिकित्सकों ने तीनों बच्चों को सर्जिकल उपचार की आवश्यकता बताई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में तीनों बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार हुआ और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। चिरायु टीम द्वारा भी बच्चों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी लेते हुए उपचार के बाद आवश्यक फॉलोअप किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में चिरायु टीम की भूमिका केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों को उचित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने, उपचार के लिए समन्वय स्थापित करने तथा उपचार के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने तक रही। यह ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व को भी रेखांकित करता है। जन्मजात हृदय रोग कई बार बच्चों में प्रारंभिक अवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान संभावित लक्षणों की समय पर पहचान गंभीर जटिलताओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कर आवश्यकतानुसार उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। तीनों बच्चों का सफल उपचार उनके परिवारों के लिए राहत और खुशी का विषय है। यह सफलता समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, प्रारंभिक पहचान, त्वरित रेफरल, विशेषज्ञ उपचार और सतत फॉलोअप के प्रभावी समन्वय का उदाहरण है। साथ ही यह चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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