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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आरक्षण की सभी श्रेणियां शामिल होने तक शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक

 दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर देने का मामला, सहायक शिक्षकों की 11 अक्टूबर और शिक्षकों की 25 अक्टूबर की परीक्षा आयोजित नहीं करने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की सभी श्रेणियों को शामिल करने और संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर देने के संबंध में महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जब तक विज्ञापन में सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल नहीं किया जाता और संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर नहीं दिया जाता, तब तक सहायक शिक्षकों की 11 अक्टूबर 2026 तथा शिक्षकों की 25 अक्टूबर 2026 को निर्धारित चयन परीक्षा आयोजित नहीं की जाए।

यह आदेश हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका WPS No. 6783/2026 में 9 अक्टूबर 2026 को पारित किया गया। मामले में मीनाक्षी मंगलेकर सहित तीन याचिकाकर्ताओं ने स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल, सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग को पक्षकार बनाया है।

दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को शामिल नहीं करने पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से उपस्थित उप महाधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि 16 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञापन के संबंध में शुद्धिपत्र प्रकाशित किया गया है। यह शुद्धिपत्र 9 अक्टूबर को रायपुर के दैनिक नवभारत और बिलासपुर के हरिभूमि समाचार पत्र में प्रकाशित होने के साथ संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है।


हालांकि, शुद्धिपत्र में आरक्षित पदों का श्रेणीवार वितरण किए जाने के बावजूद दृष्टिबाधित व्यक्तियों की श्रेणी को शामिल करने और उन्हें आवेदन का अवसर देने में असमर्थता जताई गई। इसके पीछे आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 समाप्त होने का तर्क दिया गया।

इस पर हाईकोर्ट ने संबंधित पक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शुद्धिपत्र के माध्यम से श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान किया जा रहा है, तब दृष्टिबाधित व्यक्तियों को संबंधित श्रेणी में शामिल नहीं करने का प्रथम दृष्टया कोई उचित कारण समझ में नहीं आता।

दोनों चयन परीक्षाओं पर लगी रोक

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी बताया गया कि जारी शुद्धिपत्र सहायक शिक्षकों के संबंध में है, शिक्षकों के संबंध में नहीं।

चयन परीक्षाओं की निर्धारित तिथियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी आरक्षित श्रेणियों को विज्ञापन में शामिल करने और संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर देने तक सहायक शिक्षकों तथा शिक्षकों की चयन परीक्षा आयोजित नहीं की जाए।

न्यायालय ने मामले को तीन सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। इस बीच प्रतिवादी पक्ष को अपना जवाब प्रस्तुत करने और उसकी प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है।

नया शुद्धिपत्र या विज्ञापन जारी करने का विकल्प

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि अंतरिम आदेश राज्य को नियमानुसार आगे शुद्धिपत्र जारी करने अथवा सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल करते हुए सहायक शिक्षकों और शिक्षकों के लिए नया विज्ञापन जारी करने से नहीं रोकता। ऐसी स्थिति में संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन करने का अवसर देना होगा।

न्यायमूर्ति संतोष शर्मा और मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र की पीठ ने यह अंतरिम आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार, अंतरिम राहत अगली सुनवाई तक प्रभावशील रहेगी।



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