कुरूद-नवापारा मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित, तेज बहाव के बीच सड़क पार करने से बचने की अपील; कठौली के घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
कुरूद/मौरीकला, 26 सितंबर 2026। लगातार बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने के बाद महानदी में छोड़े जा रहे करीब 3 लाख क्यूसेक पानी का असर अब नदी किनारे के गांवों और प्रमुख मार्गों पर साफ दिखाई देने लगा है।
शनिवार को मौरीकला-नारी एवं कठौली-दुलना पुल पर बाढ़ का गंभीर असर देखने को मिला। लगातार पानी बढ़ने से कठौली-दुलना पुल डूब गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। यह मार्ग कुरूद और नवापारा को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। मौरीकला-नारी पुल के आसपास पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण सड़क के ऊपर घुटने तक पानी बह रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते पुल खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। मौके पर स्थिति यह है कि सड़क की ऊंचाई अधिक होने के बावजूद पानी सड़क के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। ऐसे में दोपहिया या अन्य वाहनों से जबरदस्ती पानी पार करने का प्रयास बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
तेज बहाव के बीच सड़क पार करने से बचें
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों से अपील है कि तेज बहाव वाले पानी में सड़क पार करने का जोखिम न उठाएं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में कुछ मिनटों में परिस्थितियां बदल सकती हैं। इसलिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सतर्कता और सावधानी बरतना जरूरी है।
खदान छोर पर भी महानदी उफान पर
वहीं दूसरी ओर खदान छोर महानदी क्षेत्र में भी नदी उफान पर है। यहां जलस्तर लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है।
कठौली में घरों तक पहुंचा पानी
महानदी तट पर स्थित ग्राम कठौली में भी बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। नदी के आसपास के इलाके में बसे घरों तक पानी पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को अपने घरों और आसपास के इलाकों में पानी भरने की चिंता सताने लगी है। गंगरेल बांध से लगातार पानी छोड़े जाने और क्षेत्र में जारी बारिश के बीच महानदी के जलस्तर पर नजर बनी हुई है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
